ISRO ने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड का पहली बार पूरे 200 टन थ्रस्ट स्तर पर परीक्षण किया है। 5 सितंबर की जानकारी के मुताबिक, महेंद्रगिरि स्थित प्रणोदन परिसर में परीक्षण कुल 35 सेकंड चला। इनमें पांच सेकंड के लिए पूरा निर्धारित थ्रस्ट स्तर हासिल किया गया।
पावर हेड टेस्ट आर्टिकल, यानी PHTA, में थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर इंजन के बाकी प्रमुख सिस्टम शामिल होते हैं। यह इस श्रृंखला का नौवां हॉट टेस्ट था। परीक्षण में आरंभिक संचालन से मुख्य कार्यस्थिति तक पहुंचने की प्रक्रिया भी परखी गई।
जून के 175 टन से सितंबर के 200 टन तक
24 जून को हुए आठवें परीक्षण में पावर हेड 175 टन, यानी लगभग 88 प्रतिशत स्तर तक चला था। उससे पहले 94 और 120 टन के स्तर पर परीक्षण हुए थे। ISRO की जून की रिपोर्ट में मुख्य टर्बोपंपों के 400 और 500 बार आउटलेट दबाव पर काम करने का भी विवरण है।
यह क्रम बताता है कि पूर्ण स्तर तक पहुंचने से पहले अलग-अलग संचालन स्थितियां जांची गईं। सितंबर का परिणाम उसी विकास प्रक्रिया की अगली उपलब्धि है।
LVM3 में किस बदलाव की तैयारी है
2000 किलोन्यूटन श्रेणी के SE2000 इंजन से चलने वाला SC120 चरण विकसित किया जा रहा है। इसे LVM3 रॉकेट के वर्तमान L110 कोर चरण की जगह लगाने की योजना है। नई व्यवस्था तरल ऑक्सीजन और शुद्ध केरोसिन, जिसे ISRO ‘इस्रोसीन’ कहता है, इस्तेमाल करती है।
ISRO के मुताबिक, इस बदलाव और उन्नत क्रायोजेनिक ऊपरी चरण से LVM3 की पेलोड क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। अभी की उपलब्धि जमीन पर इंजन प्रणाली का परीक्षण है; नए चरण के साथ उड़ान की तारीख इस घोषणा में नहीं दी गई है।
मुख्य बातें
- नौवां PHTA परीक्षण: 35 सेकंड कुल अवधि।
- पांच सेकंड पूरे 200 टन थ्रस्ट स्तर पर संचालन।
- SC120 को LVM3 के L110 चरण की जगह विकसित किया जा रहा है।
स्रोत और संदर्भ
- ISRO · Semicryogenic Engine Power Head Test Article at full thrust level ↗5 सितंबर 2026
- ISRO · 175 टन थ्रस्ट स्तर पर आठवां PHTA परीक्षण ↗27 जून 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।


