संस्कृति

3 खबरें
अपनी संस्कृति • भोपाल

भोपाल का जनजातीय संग्रहालय: यहां घर, लोककथा और वास्तुकला साथ दिखते हैं

सात जनजातीय समुदायों के जीवन और कला को समझने की जगह। इसके आंगन, ढलान के साथ उठती दीर्घाएं और बारिश का पानी सहेजता परिसर भी कहानी का हिस्सा हैं।

हुनर • महेश्वर

महेश्वरी साड़ी: बॉर्डर में किले की दीवारें और नर्मदा की लहरें कैसे आईं

महीन बुनावट की पहचान उसके बॉर्डर और पल्लू में भी है। महेश्वर की वास्तुकला से निकले रूपांकन और शाही संरक्षण से बाजार तक पहुंचने की कहानी।

विरासत • ओरछा

ओरछा का स्थापत्य: बेतवा, बुंदेली महल और मुगल शैली का मेल

महल, बाग और धार्मिक परिसर मिलकर ओरछा की पहचान बनाते हैं। UNESCO की संभावित धरोहर सूची में दर्ज विवरण इसके इतिहास और नगर-योजना को समझाता है।

खबर शेयर करें

WhatsApp पर भेजें ↗