मध्यप्रदेश में शक्ति सदन और मिशन वात्सल्य के तहत चलने वाली अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के अनुदान की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने 15 सितंबर को मंत्रालय में इसका ई-पोर्टल शुरू किया।

आवेदन, दस्तावेज अपलोड, प्रस्ताव की जांच, मंजूरी और भुगतान की निगरानी अब एक ही प्लेटफॉर्म पर होगी। विभाग के मुताबिक, इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी संस्था का अनुदान प्रस्ताव किस स्तर पर लंबित है।

किन संस्थाओं के लिए है व्यवस्था

मिशन शक्ति के तहत प्रदेश के 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित हैं। इनमें कठिन परिस्थितियों में रह रही महिलाओं को आश्रय और पुनर्वास की सुविधा दी जाती है। विभाग ने पिछले वर्ष इन सदनों से 2,386 महिलाओं को लाभ मिलने की जानकारी दी है।

दूसरा हिस्सा मिशन वात्सल्य की अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं का है। नया पोर्टल इन संस्थाओं के अनुदान प्रशासन के लिए बनाया गया है। यह महिलाओं या बच्चों के लिए सीधे नकद सहायता का नया आवेदन फॉर्म नहीं है।

मुख्य बातें

  • अनुदान देने की मैनुअल प्रक्रिया की जगह ई-पोर्टल।
  • आवेदन, जांच, स्वीकृति और भुगतान की निगरानी ऑनलाइन।
  • व्यवस्था संबंधित संस्थाओं के अनुदान के लिए है।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्यप्रदेश जनसंपर्क · मंत्री सुश्री भूरिया ने शक्ति सदन और मिशन वात्सल्य अनुदान ई-पोर्टल का किया शुभारंभ ↗15 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

यह खबर शेयर करें